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Company Name : Panasonic Corporation

Saturday, October 7, 2017 12:40PM IST (7:10AM GMT)

कुल 117 घरों के साथ जापान के पहले माईक्रोग्रिड सिस्टम का शुभारंभ


क्षेत्रीय विशेषताओं का लाभ उठाते हुए स्थानीय खपत हेतु स्‍थानीय बिजली उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए 2017 में एमईटीआई के सब्सिडी प्रोग्राम के लिए चुना गया


Hyogo, Japan

पानाहोम कॉर्पोरेशन, ईएनईआरईएस कंपनी. लि., आईबीजे लीजिंग कं. लि. और ह्योगो प्रिफेक्चुरल गवर्नमेंट प्लान की पब्लिक एंटरप्राईज एजेंसी अक्टूबर, 2017 से माईक्रोग्रिड सिस्टम के शहरी विकास (क्षेत्रीय बिजली वितरण प्रबंधन सिस्टम) (*1) की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं।

इस प्रेस विज्ञप्ति में मल्‍टीमीडिया की सुविधा है। पूरी विज्ञप्ति यहां देखें: http://www.businesswire.com/news/home/20171005005546/en/

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  • AreaArea where PanaHome's Smart City Shioashiya Solar-Shima is being developed (Graphic: Business Wire)
 
वह इलाका, जहां पानाहोम की स्मार्ट सिटी शियोशिया सोलर-शिमा का विकास किया जा रहा है (ग्राफिक: बिजनेस वायर) 
 
[वीडियो] कुल 117 घरों के साथ जापान का पहला माइक्रोग्रिड सिस्‍टम- स्‍मार्ट सिटी शियोशिया लॉन्‍च
https://www.youtube.com/watch?v=8Br0QgUxvK4
 
यह माईक्रोग्रिड सिस्टम स्मार्ट सिटी शियोशिया सोलर-शिमा के जोन डी4 में कुल 117 घरों को बिजली प्रदान करेगा। इसका डिजाईन व विकास आशिया सिटी, ह्योगो प्रिफेक्चर में पानाहोम के द्वारा किया जा रहा है। 9 अगस्त, 2017 को यह प्रोजेक्ट आर्थिक, व्यापार और औद्योगिक सब्सिडी प्रोग्राम के मंत्रालय के तहत स्थानीय विशेषताओं का उपयोग करके स्थानीय खपत के लिए स्थानीय स्तर पर बिजली के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चुना गया।
 
यह पानाहोम, ईएनईआरईएस, आईबीजे लीजिंग और पब्लिक एंटरप्राइजेस एजेंसी द्वारा चलाया गया एक संयुक्त प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट का कॉन्सेप्ट ‘‘जीवन जीने के लिए बिजली द्वारा इंटरकनेक्टेड शहर’’ है। पानाहोम ने जमीन खरीदी, जिसका विकास पब्लिक एंटरप्राइजेस एजेंसी द्वारा किया गया। पैनासोनिक कॉर्पोरेशन और सिटी ऑफ आशिया भी इस प्रोजेक्ट के विकास के लिए सहयोग कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के एक हिस्से में जापान के पहले माईक्रोग्रिड सिस्टम (*2) का निर्माण अनिवार्य है। संपूर्ण हाउसिंग जिले के 80 फीसदी या उससे ज्यादा हिस्से (*3) को बिजली उपलब्ध कराने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। यह हाउसिंग जिले में निजी बिजली वितरण लाईनें (*4) बिछाकर तथा घरों के बीच बिजली बांटकर संभव बनाया जाएगा। जब आपातकालीन स्थिति में जिले का संपर्क पारंपरिक बिजली की ग्रिड से टूट जाएगा, तब निजी बिजली वितरण लाईनें विशेष सर्किटों द्वारा बिजली की आपूर्ति कर सकेंगी। निजी बिजली वितरण लाईनें निर्धारित लचीली बिजली दरों पर बिजली प्राप्त करना संभव बनाएंगी। इससे घर के मालिकों को कई फायदे होंगे, जिनमें उनके बिजली के बिल में 20 फीसदी की कटौती भी शामिल है। एक और मुख्य लक्ष्य पर्यावरण को अपना योगदान देना है, जिसके लिए रिन्यूएबल एनर्जी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाता है और कार्बन डाई ऑक्साईड के उत्सर्जन में कटौती की जाती है। भविष्य में यह प्रोजेक्ट भवनों के बीच बिजली बांटने, विदेशों में जिन इलाकों में पॉवर ग्रिड कमजोर हैं, वहां ब्लैकआउट रोकने और विदेशों में इन समाधानों का प्रदर्शन करने वाले समाधानों में अपना योगदान देगा। 
 
[प्रोजेक्ट के हर प्रतिभागी की जिम्मेदारियां]
 
आवेदक
 
- पानाहोम (मुख्य आवेदक)
डिजाईन, डेवलपमेंट, हाउसिंग का निर्माण तथा स्मार्ट सिटी की पूर्ण प्लानिंग।
 
- ईएनईआरईएस (संयुक्त आवेदक)
एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम।
 
- आइबीजे लीजिंग (संयुक्त आवेदक)
निजी बिजली वितरण लाईनों के स्वामित्व से लेकर उनका प्रबंधन करना।
 
- ह्योगो पब्लिक एंटरप्राइजेज एजेंसी (संयुक्त आवेदक)
आवासीय भूमि विकास व क्षेत्रीय सहयोग।
 
[पार्टनर्स]
 
- सिटी ऑफ आशिया, ह्योगो प्रिफेक्चर
शियोशिया के शहरी विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग।
 
- पैनासोनिक कॉर्पोरेशन
पावर स्टोरेज मैनेजमेंट सिस्टम, तकनीकी सहयोग और निजी बिजली वितरण लाईनों की सुरक्षा व प्रबंधन के लिए सहयोग।
 
[पृष्ठभूमि]
 
जापान में आए जबरदस्त भूकंप के बाद एक डिस्ट्रीब्यूटेड एनर्जी सिस्टम की मांग उठी, जो आपदाओं का सामना करने में समर्थ हो। इस भूकंप ने यह साफ कर दिया कि केंद्रीकृत एनर्जी सिस्टम इन आपदाओं का सामना करने में समर्थ नहीं हैं। इसलिए यह जरूरी हो गया कि बिजली की इस अस्थिर आपूर्ति को रोककर रिन्यूएबल एनर्जी के उपयोग में पर्याप्त विस्तार किया जाए। इसके अलावा फीड-इन-टैरिफ (एफआईटी) योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा का व्यापक उपयोग किए जाने की जगह स्थानीय खपत के लिए बिजली के स्थानीय उत्पादन के प्रभावशाली उपयोग के माध्यम से सौर ऊर्जा के स्रोतों के विस्तारित उपयोग की आवश्यकता है।
 
1998 से ह्योगो प्रिफेक्चर और आशिया शहर लोगों को जोड़ने वाले शहरी विकास के सिद्धांत के आधार पर शियोशिया इलाके में विकास कार्य कर रहे हैं, जो मिनामी आशिया- हमा जिले में आता है। 2012 से पानाहोम ने स्मार्ट सिटी शियोशिया सोलर शिमा का विकास कार्य प्रारंभ किया, जिसमें लगभग 400 व्यक्तिगत घर और 3 कॉन्डोमिनियन कॉम्प्लेक्स (कुल 83 कॉन्डो) हैं। कंपनी के अत्यधिक उर्जा दक्ष भवन और इसका व्यापक स्तर का शहरी विकास, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी का अधिकतम उपयोग किया गया है, के द्वारा कंपनी को विदेशों में भी काफी सराहना मिली है। हाल ही में कंपनी ने तीसरे एपीईसी (एशिया पेसिफिक ईकॉनॉमिक को-ऑपरेशन) ईएससीआई (*5) बेस्ट प्रैक्टिस अवार्ड्स में "स्‍मार्ट बिल्डिंग्‍स" कैटेगरी में गोल्‍ड अवार्ड
 
[माईक्रोग्रिड सिस्टम और विशिष्ट आपूर्ति (*6) योजना का अवलोकन] 
 
इस प्रोजेक्ट में हर घर में सौर ऊर्जा जनरेटर (4.6केडब्‍लूएच), स्टोरेज सेल (11.2 केडब्‍लूएच) और एचईएमएस (*7) इंस्टॉल किया गया। हाउसिंग के जिले में हर घर की स्टोरेज सेल को निजी बिजली वितरण लाईनों से जोड़ा गया। स्टोरेज सेल कंट्रोल यूनिट के द्वारा बिजली के प्रवाह की दिशा बदलना तथा घरों के बीच बिजली बांटना संभव होता है। यह जापान में इस तरह का पहला माईक्रोग्रिड सिस्टम (क्षेत्रीय बिजली वितरण व्यवस्था) है।
 
निजी बिजली वितरण लाईनों का उपयोग कर विशिष्ट आपूर्ति योजना
 
मैनेजमेंट एसोसिएशन में आवासीय जिले में 117 घरों के मालिक हैं। मैनेजमेंट एसोसिएशन ने पावर स्टोरेज सेल कंट्रोल मैनेजमेंट ईएनईआरईएस को आउटसोर्स किया है। यह इस क्षेत्र की विशेषज्ञ कंपनी है। स्टोरेज सेल्स से एसोसिएशन के सदस्यों को बिजली आपूर्ति के नियंत्रण के लिए विशिष्टीकृत आपूर्ति योजना के आधार पर एक ईएमएस (*8) सिस्टम संचालित करना तथा आईबीजे लीजिंग के पर्यावरण के लिए समाधानों का प्रयोग कर संपूर्ण जिले को बिजली का कवरेज प्रदान करना संभव हो सकेगा। इन समाधानों को निजी बिजली वितरण लाईनें प्रारंभ करने के लिए इसकी वित्तीय जानकारी से निर्मित किया गया है।
 
- बिजनेस का स्थान: स्मार्ट सिटी शियोशिया जोन डी4
- साईट: सुजुकाजे-चो, आशिया, ह्योगो, जापान
- कवरेज: स्मार्टसिटी शियोशिया जोन डी4
- प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी: मौटे तौर पर 32,007.92 एम2
- शेयर्ड एनर्जी: इलेक्ट्रिक पावर
- काम प्रारंभ होने का समय: अक्टूबर, 2018
 
[माईक्रोग्रिड सिस्टम की विशेषताएं]
 
1. निजी बिजली वितरण लाईनों के उपयोग के चलते कम बिजली दर और बिजली पर स्वतंत्र नियंत्रण 
निजी बिजली वितरण लाईनों के उपयोग के चलते हाउसिंग जिले में बिजली प्राप्त करने तथा स्टोरेज सेल्स पर स्वतंत्र नियंत्रण रखा जा सकता है और बिजली की दरें आसानी से निर्धारित की जा सकती हैं। इसके अलावा घरों के बीच बिजली शेयर करके रिन्यूएबल एनर्जी पर आम्‍त-निर्भरता की दर बेहतर बनाकर बिजली की दर में 20 फीसदी की कटौती भी संभव होगी। 
 
2. जिले में स्टोरेज सेल्स के क्षेत्रीय नियंत्रण द्वारा बिजली के लिए मांग-आपूर्ति संतुलन में समानता आएगी 
इलाके में बिजली की सर्वाधिक मांग स्टोरेज सेल्स के क्षेत्रीय नियंत्रण द्वारा नियंत्रित की जाएगी, जो निजी बिजली वितरण लाईनों से जुड़े होंगे। जब क्षेत्र में अनुबंध के तहत तय की गई बिजली सीमा से अधिक बढ़ने की उम्मीद होगी, तब नई बिजली कंपनियों (यहां पर पीपीएस नाम से उल्लेख, (*9)) के साथ बिजली प्राप्त करने का अनुबंध करके, सिस्टम बिजली की आपूर्ति को एक समान करने के लिए बिजली के डिस्चार्ज का आदेश देगा।
 
3.मुख्य ग्रिड से आपूर्ति ठप होने के बावजूद बिजली निरंतर आती रहेगी (तय सर्किट में) 
ऊर्जा के सामान्य इस्तेमाल के दौरान, पूरा जिला सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करेगा। जब भी इलेक्ट्रिक पावर की कमी होगी, अक्षय ऊर्जा को पीपीएस ग्रिड पर सप्लाई किया जायेगा (एफआईटी पावर सोर्स (*10)। इससे बिजली की आपूर्ति निरंतर बनी रहेगी। इमरजेंसी में जब भी मुख्य पावर ग्रिड से आपूर्ति बाधित होगी तो ऐसी अवस्था में जिलेमें तय सर्किट से जिले में पैदा की गई सौर ऊर्जा और स्टोरेज सेल में संचित ऊर्जा से आपूर्त (फ्रिज, लाइटिंग, सेलफोन, रीचार्ज आदि में ) कर दी जाएगी।
 
[जिले के घरों में बांटी गई बिजली का परिदृश्‍य]
 
इस परियोजना में सभी घरों में सौर ऊर्जा जेनरटेर, स्टोरेज सेल और एचईएमएस होंगे। हर घर में लगे स्टोरेज सेल नेटवर्क से जुड़े होंगे। स्टोरेज सेल में (11.2 केडब्‍लूएच) भंडारित की गई बिजली को जिले में 117 घरों में साझा किया जा सकता है। ऐसा तब भी होगा जब 1.3 एमडब्‍लूएच की बिजली के साथ विशाल स्‍टोरेज होगा। जिन घरों में बिजली अधिक होगी, वे जिन घरों में बिजली कम होगी, उन्हें दे सकेंगे। इससे बाहरी स्त्रोत से बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी और इससे जिले में बनी सौर ऊर्जा का अधिकतम इस्तेमाल हो सकेगा।
 
[यह फायदे होने का अनुमान]
 
1. 80% तक की आत्मनिर्भर दर। सौर ऊर्जा का स्थानीय उत्पादन और स्थानीय खपत अधिक होगी (पर्यावरण फायदा)।
2. बिजली की दरों में 20% तक की कमी। इससे बिजली और स्‍टोरेज सेल कंट्रोल प्राप्‍त कर सकेंगे। (आर्थिक फायदा)
3. नवीकरणीय ऊर्जा का 100% इस्तेमाल (डिस्ट्रिक्ट और हाउसिंग डिस्ट्रिक्ट के बाहर एफआईटी सोर्स में तैयार की गई सौर ऊर्जा) (पर्यावरणीय फायदा)
4. मेन सर्किट से बिजली बाधित होने पर बिजली की आपूर्ति (तय सर्किट में) (आपदा से निपटने के दौरान)
5. जिले में बिजली का एक समान वितरण (सामाजिक फायदा)
 
[माइक्रोग्रिड वीपीपी का हाईब्रिड डिप्लायमेंट (*11) व्यवहार्यता टेस्ट]
 
माइक्रोग्रिड स्थापित करने के बाद वीपीपी कंट्रोल यूनिट में व्यवहार्यता टेस्ट किया जाएगा। जब रिसोर्स एग्रीगेटर (*13) से डिमांड रिस्पॉन्स (*12) ऑर्डर सहित निर्देश ऊपर से आते हैं, तो लक्ष्य हर घर में स्टोरेज सेल से बिजली के इनफ्लो तथा आउटफ्लो का नियंत्रण हो जाता है ताकि जिले में बिजली की खपत में कटौती या वृद्धि का समाधान किया जा सके जैसा एक पॉवर जनरेटर करता है।
ध्‍यानार्थ:
*1. एक छोटे पैमाने की पावर ग्रिड। एक छोटी पावर जनरेशर फैसिलिटी जिसमें सौर ऊर्जा जेनरेटर होगा। इसे ऐसे क्षेत्र में स्‍थापित किया गया है जो स्‍थानीय उत्‍पादन, स्‍थानीय खपत मॉडल का इस्‍तेमाल कर बिजली की मांग को पूरा करेगा
*2. यह जापान का पहला बिंदु है, जो आवासीय जिलों में निजी वितरण लाइंस चलाकर 117 घरों में पारस्‍परिक रूप से इलेक्ट्रिक पावर साझा करेगा
*3. (निजी तौर पर खपत की गई सौर ऊर्जा की मात्रा + अतिरक्त साझा की गई पावर की मात्रा) ÷ कुल बिजली की खपत (पानाहोम द्वारा किए गए सिमुलेशन एवं; प्रतिवर्ष के आधार पर)
*4. बिजली वितरित करने वाली लाइनें निजी स्तर पर बिछाई जाएंगी ताकि मुख्य बिजली वितरण कंपनी की आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़े।
*5. एनर्जी स्मार्ट कम्यूनिटज इनीशिएटिव (ईएससीआई): योकोहामा में साल 2010 में एपीईसी की मीटिंग में नेटवर्क लान्च हुआ। एपीईसी के सदस्य देश और क्षेत्र में जुड़े सदस्य पांच क्षेत्रों में जुड़े हैं - स्मार्ट बिल्डिंग, स्मार्ट ग्रिड, लो कार्बन माडल टाउन, स्मार्ट जाब और कंज्यूमर और स्मार्ट यातातया व्यवस्था। इन्हें नई तकनीकों की बदौलत प्राप्त किया जाएगा।
*6. इलेक्ट्रिक बिजनेस अधिनियम का अनुच्छेद 17 (तय आपूर्ति) : ऐसा सिस्टम, जिसमें बिजली आपूर्तिकर्ता निश्चित मापदंडों को पूरा करता है, उसे हर स्थान के लिए लाईसेंस दिया जाता है, जिसमें वो बिजली आपूर्ति करना चाहता है और वह उस विशेष स्थान को बिजली की आपूर्ति करता है।
*7. होम एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम (एचईएमएस) : ऊर्जा की खपत में पारदर्शिता तभी आ सकती है जब घरों में स्थापित बिजली की सुविधाएं और कंज्यूमर इलेक्ट्रानिक्स का तर्कपूर्ण इस्तेमाल किया जाए।
*8. एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम (ईएमएस): नेटवर्क के जरिए निरीक्षण और नियंत्रण करता है। इसमें इलेक्ट्रिक पावर उपयोग, पारदर्शी और किफायती प्रबंधन की सुविधा सहित एनर्जी का उपयोग सक्षम बनाया जाता है।
*9. पावर प्रोड्यूसर और सप्लायर (पीपीएस) : निर्धारित स्केल पावर उत्पाद, आम तौर पर नए पॉवर सप्लायर के रूप से पहचाने जाते हैं। एक कंपनी जो लाईसेंस प्राप्त करती है और इलेक्ट्रिक पावर उद्योग में नया प्रवेश करती है।
*10. फीड-इन टैरिफ (एफआईटी) स्रोत का उपयोग करके इलेक्ट्रिक पावर (ऐसी व्यवस्था, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी के खरीद मूल्य का निर्धारण कानून करता है)
*11. वर्चुअल पावर प्लांट रिस्पांस (वीपीपी) : वो नेटवर्क या सिस्टम जो केंद्रीयकृत रूप से छोटे सौर ऊर्जा या अन्य जेनरेशन जैसे बड़े जेनरेशन को नियंत्रित करता है।
*12. एक रिसोर्स एग्रीगेटर बिजली उत्पादकों के लिए ग्राहकों से बिजली के स्रोत एकत्रित करता है (पॉवर ट्रांसमिशन एवं वितरण कंपनियां, रिटेल इलेक्ट्रिक पावर कंपनियां और रिन्यूएबल एनर्जी पॉवर निर्माता)।
*13. डिमांड रिस्पॉन्स: इन्सेंटिव देकर या फिर जब बाजार में मूल्य तेजी से बढ़ रहे हों या बिजली ग्रिड से आपूर्ति कमजोर हो या फिर जब इलेक्ट्रिक पावर की मांग व आपूर्ति रोक दी गई हो, ऐसे में बिजली के अत्यधिक मूल्य निर्धारित करके बिजली की खपत के तरीकों में बदलाव करना। 
 
स्रोत : http://news.panasonic.com/global/topics/2017/50883.html
 
संबंधित लिंक्स
 
[वीडियो] कुल 117 घरों के साथ जापान के पहले माईक्रोग्रिड सिस्टम का लॉन्च - स्मार्ट सिटी शियोशिया
https://www.youtube.com/watch?v=8Br0QgUxvK4
 
स्मार्ट सिटी शियोशिया ‘‘सोलरशिमा’’ वेबसाईट (जापानी)
http://city.panahome.jp/sorashima/index.php?frm=shioashiya
 
पानाहोम ग्लोबल
http://www.panahome.jp/english/
 
एचईएमएस (होम एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम) | इंडस्ट्रियल डिवाइस और सोल्यूशंस
https://industrial.panasonic.com/ww/applications/ha/hems
 
एनर्स कंपनी, लिमिटेड. (जापानी)
https://www.eneres.co.jp/
 
आईबीजे लीजिंग कंपनी लिमिटेड
https://www.ibjl.co.jp/en/index.html
 
ह्योगो प्रिफेक्‍चर
https://web.pref.hyogo.lg.jp/fl/index.html
 
businesswire.com पर सोर्स विवरण देखें : http://www.businesswire.com/news/home/20171005005546/en/
 
मल्‍टीमीडिया उपलब्‍ध है : http://www.businesswire.com/news/home/20171005005546/en/
 
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